Thursday, December 25, 2008

"मुस्कान"

सूदामा ,सच बोल क्या .......... कृष्ण
के महल पर तेरा स्वागत हुआ था या.........
कृष्ण ने भी तुझे दुतकार दिया था..........
सूदामा मुस्कराया, चुप रहा ...........
अगर तुझे महल,हीरे दिए..........फिर
तेरे पेट,मुँह पर गड़े आँखे काली क्यो........
सूदामा सच बोल...........
तू ही बोल कृष्ण.............
सूदामा कुछ बोला, मुस्कराया ........
आँखे झुका ली...........
कृष्ण कुछ मुस्कराया ,बुदबुदाया.......
आँखे चुरा ली.............
आज दोनो कुछ बोले क्या

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